देवास विकास प्राधिकरण संचालक-मण्डल

प्रदेश के सर्वांगीण विकास की अवधारणा के तहत मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुरूप विकास कार्यों को मूर्त रूप प्रदान करने के लिये प्राधिकरणों का गठन किया गया। इसी श्रृंखला में नवंबर 1979 मे देवास विकास प्राधिकरण का गटन हुआ। देवास विकास प्राधिकरण द्वारा पिछले 31 वर्षो में विकास के नये आयाम स्थापित किये गये हैं। व्यावसायिक काँम्प्लेक्स, आवासीय योजनाओं के अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कार्य प्राधिकरण द्वारा संपादित किये गये है। औद्योगिक शहर होने से यहाँ के श्रमिक जगत के लिये सस्ते मकान बनाकर भी प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये है। औद्योगिक शहर की आवश्यकतानुसार व्यवसायियों के लिये विभिन्न स्थानो पर शाँपिंग काँम्प्लेक्स के निर्माण भी करवाये गये है। शहर के सौन्दर्यीकरण को लेकर विभिन्न चौराहों के विकास एवं ऐतिहासिक धार्मिक माता टेकरी पर भी विकास कार्यो में प्राधिकरण की अहम भूमिका रही है। इसके अतिरिक्त डिपाँजिट वर्क के रूप में महात्मा गाँधी जिला चिकत्सालय, कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय, वृद्धाश्रम आदि के निर्माण कार्य किये गये हैं और वर्तमान में लगभग 13.00 करोड़ के डिपाँजिट कार्य किये जा रहे हैं जिसमें 6.00 करोड़ का पालिटेक्निक कालेज एवं 7.00 करोड़ के पर्यटन विकास निगम द्वारा दिये गये विभिन्न कार्य सम्मिलित हैं। देवास विकास प्राधिकरण के कार्य सम्पादन एवं व्यवस्थापन को दृष्टिगत रखते हुए हुडको द्वारा सतत् तीन वर्षो तक प्राधिकरण को ‘‘ए’’ श्रेणी प्रदान करते हुए ग्रीन चेनल की सुविधा प्रदान की गई तथा सम्पूर्ण देश में प्रथम स्थान दिया गया।

देवास विकास प्राधिकरण संचालक-मण्डल
1. अध्यक्ष : डॉ. श्रीकांत पाण्डेय (आई.ए.एस) जिलाधीश

2.संचालक गण (शासकीय) :

जिले का कलेक्टर या उनका नाम निर्देशिती
प्रतिनिधि , नगर तथा ग्राम निवेश, देवास म.प्र
प्रतिनिधि, वन मण्डल अधिकारी, देवास म.प्र
प्रतिनिधि, लोक स्वा. यांत्रिकी विभाग, देवास म.प्र
प्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग, देवास म.प्र
प्रतिनिधि, म.प्र.वि.मण्डल, देवास
आयुक्त, नगर पालिक निगम, देवास म.प्र

3. सदस्य/ सचिव श्री अरविन्द चौहान , मु.का.अ., देविप्रा